Month: May 2018

सासरो गोरमाटि कविता, कवि: सुरेश मंगुजी राठोड़

सासरो *कतराको सोसू याड़ी,* *सासरेरो बळजो !* *केन कू ये याड़ी मारो,* *फाटे लागे कळजो………..!!१!!* *ससरो मळो गुलाम,* *सासू घण भारी छ !* *चलवादी नणंद,* *देवर तो बिगारी
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सासरो गोरमाटि कविता कवि: सुरेश मंगुजी राठोड़

🙏🏻😭 *!! सासरो !!*😭🙏🏻 🕸🕸🕸🕸🕸🕸🕸🕸 *कतराको सोसू याड़ी,* *सासरेरो बळजो !* *केन कू ये याड़ी मारो,* *फाटे लागे कळजो………..!!१!!* *ससरो मळो गुलाम,* *सासू घण भारी छ !* *चलवादी
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“आवगो देखो जिओ गोरमाटी कवीता” कवी: रविराज एस. पवार

आवगो देखो जिओ जरा हूशारेती रीयो। वेळ चालरोच भारी कठिन स्वतार पगेपर तम करार मारलियो।। आवगो व्हाट्सएप्प, फेसबुक देखो ऊठे सुटे लोग भारी बक। भिया आब तरी सदर
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