“सामाजिक सकारात्मक विचार गोर समाजेन तार सकच”

????????सामाजिक सकारात्मक विचार

गोर समाजेंन तार सकच????????
सामाजिक जानिव व सामाजिक समस्या इ आपन शिके साके लोक व समाजे सारू काम करेवाली विविध गोर संघटन एनुन नैतिक जबाबदारि स्वीकारें न हेनु वशी बांधिलकी च चावच

मनुष्य प्राणिन बुद्धिमत्ता,विचार शक्ति,भावना इ नैसर्गिक देन छ ओर ज़र वापर समाजेम जी अनिस्ट प्रथा छ दारू र व्यसन ती किड्नी र चालन कर रेच . समाजेम बिड़ी तम्बाकू सेवन करन छातीर खोका कर रे ऊ कु रोकताय ,हुंडा पद्धत र प्रमाण खुप वहेगो च वोर कारण गोर कन्यार वाया माई बाधा आ रीछ.स्परधात्मक शिक्षण न लेएर कारणबेरोज़गारी बड़री छः,खेते माई काम करेर इच्छाशक्ति दीसान कोनी आरी,बुडे मा बापे न देखभाल बरोबर कोनी व्हेरो,समाजे माई अर्ध वट शिक्षण दारिद्रय र कारण छोडेर प्रमाण बडगोच, स्त्री अत्याचार दररोज समाज अंतर्गत व भार व्हेरोच यर युवा पिड़िन प्रभोधन करेर काम समाजेर हित देखेवाले बुद्धिजीवी व विविध गोर संघटनार छ व आग्रह च क़रेन व्हेनू ज़र यर विचार बुद्धिमतापूर्णक,भावनात्मक, कर्तव्य निस्ट पनेती बुद्दीजीवी लोक कीव्हा विविध गोर संघाटक न कीदे तो पशु माई व आपनेम काइच फ़रक कोनी रे वालों .

आदमीरो अथवा सघटना र मोटों पनो विचारें र खोली(समाजे करता काई कीदे)ओरेप अवलंबुन र छ. इ विषय ख़ुप चिंतनीय छ इतर अविचार समाजेम पेरे ऐवजी सकारतमक कृति सहित विचार समाजेम पेरों समाजेमाइ ये कामेंन परेतेक समाजेर आदमी विविध सघटना खारिर वेटों वटावा.

जीवने र माई काइच असक्य छेनी

बस इच्छाशक्ति लागच.

जय सेवालाल

✍सुखी चव्हाण,बदलापुर

????9930051865

गोर कैलास डी राठोड

 

Tag: Banjara Online news, Banjara Live, Lamani, Lambadi, Roma Gypsy,  Sant Sevalal, Lakhishah Banjara, Gormati, Bazigar

Leave a Reply