“समाजवादी बनो और समाज को परिवर्तित करो”

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|| जय सेवालाल || जय सेवालाल ||
श्री संत महान तपस्वी रामराव महाराज यह बंजारा समाज के धर्मगुरू है । हिंदुस्थान के सभी बंजारा भाई-बहन, बंजारो की काशी श्री क्षेत्र पोहरादेवी को धर्मपीठ मानते है । ईसी तिर्थभूमीपर ईस साल 2017 में आनेवाली श्री रामनवमी को  “लक्षचंडी महायज्ञ” का आयोजन किया जा रहा है । कुछ ‘विघ्न-संतोषी’ लोग ‘हिंदू’ होकर भी हिंदुओ की परंपरा, संस्कृती का अध्ययन न होने के कारण ईस ‘सत्कर्म’ को विरोध कर रहे है ।

हर समाज में सत्कर्म, दान, यज्ञ, सत्संग सदियों से होते आ रहे हैं । लेकीन भगवत कार्य में किसी प्रकार का कोई समाज मे विरोध नही होता है । सिख धर्म मे करोडो रुपयों का लंगर भोजन चलता है । जैन समाज मे करोडो का अन्नदान, सतसंग होता है । धर्मगुरू का आदर होता है । हर एक समाज मे अपनी-अपनी जाती का ‘स्वाभिमान’ होता है । लेकीन अपने समाज के कुछ विघ्नसंतोषी लोग, दो किताब पढकर जीवन में कभी समाजकार्य किए नही वे लोग धर्म के विरोध में बात करते हैं । सगा भाई खेत में काम करता है, उनके बचों की पढाई नही होती, बेटी की शादी नही हो पाती, ऐसे अपने सगे भाई के तरफ भी मदत का हात कभी नही देते, ऐसे लोग समाजकार्य क्या करेंगे । समाजकार्य के लिए त्याग, समर्पण और सेवाभाव होना चाहीए ।

आज लाखों बंजारा भाई-बहन “शिवरात्री” से लेकर “श्री रामनवमी” तक हर साल ४१ दिन की “श्री सेवादास दिक्षा” लेते हैं । आज ईस दिक्षा के माध्यम से बंजारा समाज में “जय सेवालाल” नाम का संपूर्ण भारत वर्ष में प्रसार हो रहा है । ईसका श्रेय महान तपस्वी श्री संत रामराव महाराज के शिष्य, दिक्षागुरु श्री संत प्रेमसिंग महाराज, माहूरगढ इनको जाता है ।

महाराष्ट्र के बंजारा समाज की ‘ST’ प्रवर्ग की मांग के लिए महान तपस्वी रामराव महाराज और उनके शिष्य दिक्षागुरु प्रेमसिंग महाराज और अनेक भक्त गण दिल्ली, मुंबई, नागपूर को अनषन पर बैठे थे । जब आज ईस यज्ञ मे जो विघ्न संतोषी लोग बाधा लाने की बाते कर रहे हैं, तब वो लोग साथ में नही थे ।

बंजारा समाज के हजारो लोग ‘धर्मांतर’ कर रहे थे, तब उन्हे धर्मगुरू रामराव महाराज और दिक्षागुरु प्रेमसिंग महाराज ईन्होने अपने धर्म का महत्व बताकर, धर्मांतर रोकने का काम किया । हर तांडे में जाकर दारूबंदी, व्यसनमुक्ती और समाजसुधारक का काम करते आए हैं । ऐसे सत्कार्य करनेवाले साधु-संत के कार्य में बाधा लाने की कोई बाते करता है तो ऐसे लोगों को क्या कहना चाहीए । अच्छा करना नही आता तो कम से कम बुरा तो भी मत करो । अच्छे काम करो, लोग अपना साथ देंगे । हर चिज में अच्छाई देखो, अच्छा ही दिखेगा ।
|| “दुनिया में इतने पंत हो रहे हैं,

अलग-अलग जिनकी बात” ।
“जो कोई अपने-अपने धर्म का प्रसार कर रहे है,

कर रहे है दिन-रात” ।
“रामराव महाराज और प्रेमसिंग महाराज जनम न लेते तो बिखर जाती थी बंजारा जात” । ||

‘समाजवादी बणो और समाज को परिवर्तित करो’

धन्यवाद…

सौजन्य:

संजुभाऊ राठोड

नागपुर

 

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