श्री रविराज तारासिंग राठोड जी का अल्प परिचय ।

श्री रविराज तारासिंग राठोड जी का अल्प परिचय ।
“गोर बंजारा संघर्ष समिती (भारत)” के संयोजक. जन कल्याण सेवा संस्था के अध्यक्ष व राज-बंजारा समाचार पञ के प्रधान संपादक श्री रविराज टी.राठोड का अल्प परिचय मै गजानन डी.राठोड अपने गोर बंजारा समाज इसलिए दे रहा हु ताके उन्हें ज्यो जानते नहीं वो जान सके।
दोस्तों श्री रविराज टी राठोड दोसो साल पहले एक नामवन्त नायक श्री तुकाराम नायक के पड़पोते व श्री भोजा नायक के पोते व श्री तरसिंग राठौड़ नायक व् श्रीमती हीराबाई के द्रुतिय पुत्र है । श्री रविराज टी राठोड का जन्म 20 में 1968 चंदू नायक टांडा केसरटगि गुलबर्गा कर्नाटक राज्य में हुवा एक स्वाभिमानी परिवार में जन्मे राठोड बचपन से ही संघर्ष मय जीवन जीते हुवे सरकारी हास्टल में रहकर पढाई की. पिछले 25 वर्षो से समाजिक कार्य करते हुए अनेक संघटनो के साथ जुड़कर कम करते हुवे अनेक समाज के साथ जुड़कर काम करते हुवे अपने समाज के गरीब मजदूरो की समश्या दूर करने के लिए संघर्स किया है।
श्री राठोड ने गोर बंजारा समाज के गरिब मजदूर वर्ग की समस्या दूर करने के लिए सन 1993 में मजदूरोंको संघटित करते हुए “मिरा-भायंदर मजदूर युनियन” बनाया और मजदूरोंको रोजगार के लिए नाके पर खड़े रहने बैठने के लिए स्थायी नाका दिलवाने की लढाई सन 1993 से 1997 तक लडाई लडा जिसके चलते मिरा-भायंदर नगर पालिका ने भायंदर  पुर्व में “स्थायी नाका” मंजूर किया।
इस जित से कई विरोधी पुलीस से सांठ गांठ कर 1 जनवरि 1998 को नाका उदघाटन समारोह में विरोधियो ने नियोजित तरीके से कुछ मजदूरो से वाद विवाद किया जिसके चलते पुलिस राठोड़ पुलिस चौकी बुलाया मजदुरोने राठोड़ को अकेले जाने नहीं दिया और साथ जाने की जिद की और  शेकडो मजदुर पुलिस चौकी पर गए जहां पहले से कड़ी पुलिड राठोड़ को गिरफ्तार कर चौकी में लेगये और मजदूरो पर बेरहमी से लाठीचार्ज कर श्री राठोड सहित 150 मजदूरों पर झुठा गुनाह दर्ज कर राठोड़ व अन्य 10 कार्यकर्ता को रफ्तार किया परन्तु दूसरे दिन अदालत से जमानत पर राठोड़ रिहा हुए। परन्तु राठोड ने बाकी अपने सथियोको भी जमानत दिलवाया और करीब 10 साल तक अदालत में सच्चाई की लढाई लढी और जीतें। मजदूरोंकी लढाई लढते हुए समाज को जागरूक करने के लिए राठोड़ ने 26 जनवरी 1998 को हिंदी साप्ताहिक “राज-बंजारा” समाचार पञ का प्रकाशन किया और सच्चाई का साथ देते हुए पुलिस प्रशासन व अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद किया और आज भी कर रहे “राज-बंजारा” समाचार पञ आज अपने सफल 17 साल पुरे कर 18 वे साल में प्रवेश कर चुका है।
इस बीच “सावधान” संस्था ” बंजारा क्रांती दल” ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ” “मिरा-भायंदर महानगर पालिका पञकार संघ” “मिरा-भायंदर याता यात समस्या निवारण समिती” व अन्य कई संघटनों से जुडकर अनेक पदो पर काम रहते हुए समाज हितमें कई कार्य किए हैं। राठोड ने पिछले 25 वर्षोंसे हर एक समाज के पिडीत शोशित वर्ग को सही सलाह साथ देते हुए समाजहित की लढाई लढी है जिस जगह आज राठोड रहते है वो एक भव्य कॉम्पलेक्स है जहाँ शिर्फ़ गुजराती मारवाड़ी रहते है उस कॉम्पलेक्स के भी पिछले 10 वर्षो से राठोड ही अध्यक्ष है। राठोड पिछले कई वर्षों से गोर बंजारा समाज को जोड़ने का प्रयास करते हुए कई संघटनों के पदाधिकारीयों को भी समाज से जुडने और जोडऩे के लिए निवेदन किया परन्तु लोगों ने पूरा साथ नहीं दिया जिसके चलते मजबूरन सन 2014 में समाज के कुछ प्रमुख लोगोंकी कई बैठको के बाद “गोर बंजारा संघर्ष समिती (भारत)” का गठन किया है।
जी बी एस एस के गठन के बाद पिछले एक वर्ष में जिस गति से उन्होंने समाज को निस्वार्थ स्वंयसेवक बनकर जुडो और जोडों नारे के साथ पुरे देश में समाज के पढें लिखें नौजवानों को सोशल मीडिया, फेसबुक व्हाॅटसाप का इस्तेमाल करते हुए जोड़ा है जागरूक किया है और अब तक जो भी काम किया है वह सराहनीय है।
इसी का नतीजा है की महाराष्ट्र की सारी सामाजिक संगठन एक जगह आकर समाज हितमें समाज को न्याय दिलाने के लिए ” गोर बंजारा संविधानिक हक्क महासमिति” बनाकर इस बॅनर तले 18 मार्च 2015 को विराट मोर्चा का सफल आयोजन किया गया जो महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार है। परंतु नियोजको ने जिस वक्ती पर भरोसा करके मंच संचालन का दायित्व दीया उसने खुदके स्वार्थ के लिये अन्य संघठन को नाराज किया ऐसे लोगो की वजह से ही समाज एक नहीं हो रहा है इस बात को सबक के रूप में नियोजको को लेनी चाहिए । आदरणीय रविराज भाई मुझे जितना पता है उतना मई लिख रहा हूँ वैसे आपके अनगिनत काम है वो आपको जानने वाले जानते है ।कुछ गलती हो गई होगी तो छोटे भाई को माफ़ करना 👏

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