महाराष्ट्र में ई-लॉकर का सपना साकार

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने नौकरी और दूसरे कामकाजों में आवेदन करने के लिए सर्टिफिकेट्स और डिग्री जैसे अहम दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के मकसद से आधार कार्ड से जुड़ी ऑनलाइन ई-लॉकर सुविधा शुरू की है। ’महा डिजिटल लॉकर’ से एजुकेशन और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भौतिक रूप से लाने ले जाने की परेशानी समाप्त हो जाएगी। केंद्र में नई सरकार आने के साथ ही कहा गया था कि सरकार की ओर से जारी होने वाले एजुकेशन, रेजिडेंशल, मेडिकल रिकॉर्ड, बर्थ सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज लोगों को डिजिटल लॉकर्स में स्टोर करने की सुविधा मिलेगी। सरकार के इस महत्वाकांक्षी प्रोग्राम के प्रभारी और आईटी सेक्रेटरी राम सेवक शर्मा ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि लोग सर्विसेज हासिल करने के लिए सरकार की ओर से जारी सर्टिफिकेट्स की कॉपी लेकर घ्।ं राज्य सचिवालय के आईटी विभाग के डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया, ’हमारे राज्य ने ई-गवर्नेंस में बहुत प्रगति की है और केंद्र सरकार ने भी आईटी क्षेत्र में हमारे क्रांतिकारी कामों की सराहना की है।

हमारे इस नए कार्यक्रम की भी केंद्र सरकार ने सराहना की है।’ इसकी बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने बताया कि जिस किसी के पास भी आधार कार्ड है, वह बेवसाइट ( elocker.maharashtra.gov.in) पर जाकर ई-लॉकर सुविधा का इस्ताल कर सकता है। इस साइट पर खाता खोलने के लिए आधार नंबर का होना जरूरी है। लॉगइन करने के बाद कोई अपने सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को स्कैन करके उसकी प्रतियां सुरक्षित रख सकता है और जरूरत होने पर उसका इस्ताल कर सकता है। उन्होंने बताया कि ई-लॉकर में जन्म, शादी, इनकम, जाति से जुड़े प्रमाणपत्रों को अपलोड करने से एजुकेशन या नौकरी के उद्देश्य से जरूरत पड़ने पर भौतिक रूप से ले जाने की जरूरत नहीं होगी। सिंह ने बताया कि हमारे साथ जुड़ने वाले एम्प्लॉयर सीधे अपने प्रत्याशियों के दस्तावेज हमसे ले सकते ह्।ं यह बहुत सुरक्षित होगा और कोई तीसरा व्यक्ति किसी की व्यक्तिगत जानकारी नहीं पा सकेगा। वीरेंद्र सिंह ने बताया, ’जब भी कोई दस्तावेज या सर्टिफिकेट्स के लिए आवेदन करेगा तो संबंधित ग्राम पंचायत, तहसील और कलेक्ट्रेट ऑफिस इसकी कॉपी अपलोड कर देगा। दस्तावेजों और सर्टिफिकेट्स की सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सबकुछ वन टाइम पासवर्ड के जरिए सुरक्षित होगा और यह पासवर्ड आधार नंबर से लॉगइन करते वक्त हर बार यूजर्स के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। इस प्रॉजेक्ट से जुड़ने वाले एजुकेशनल इंस्टिटय़ूट और एम्प्लॉयर को दो तरह के पासवर्ड और खास लिंक दिए जाएंगे ताकि नौकरी या ऐडमिशन के लिए आवेदन करने वाले प्रत्याशियों के सर्टिफिकेट्स वे सीधे देख पाएंऑ। सिंह के मुताबिक प्रॉजेक्ट फिलहाल अंडर ट्रायल है। हालांकि, इसका पायलट प्रॉजेक्ट वर्धा में चल रहा है, जहां आधार रजिस्ट्रेशन 100 प्रतिशत हो चुका है। राज्यभर में आधार रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद इसे पूरी तरह से लागू करने की योजना है। महाराष्ट्र में फिलहाल 95% आधार रजिस्ट्रेशन हो चुका है

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