भारत का मंगल मिसन सफलता की ओर, ३०० दिनों बाद स्टार्ट किये लिक्विड इंजन को

भारत ने अपने मंगल  ‘मार्स मिशन’ में आज उस वक्त एक बड़ी बाधा पार कर ली जब मंगलयान के लिक्विड इंजन को सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया. अब 24 सितंबर यानी बुधवार को ‘मार्स ऑर्बिटर’ को मंगल की कक्षा में प्रवेश करेगा. मंगल की कक्षा में मंगलयान की एंट्री का काउंट डाउन शुरु हो गया है. स्पीड कम करने के लिए मंगलयान के इंजन को सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया है. 24 तारीख से मंगलयान मंगल के चारों तरफ चक्कर लगाना शुरू कर देगा.

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑरगनाइजेशन (इसरो) के वैज्ञानिकों के अनुसार अंतरिक्ष में 300 दिन गुजार चुका मंगलयान अच्छी स्थिति में है. लेकिन मंगल की कक्षा में घुसने के लिए मंगलयान के इंजन को स्टार्ट करना जरूरी था जो पिछले 300 दिनों से बंद पड़ा था.

इंजन को 2 बजकर 30 मिनट पर करीब 4 सेकेंड के लिए फायर किया किया. मुख्य इंजन यानी 440 न्यूटन तरल एपोगी मोटर को फिर से चालू किया गया और उसके साथ 22 न्यूटन वाले सभी आठों इंजन लगभग 4 सेकेंड चालू रखे गए. इससे यान की स्पीड में कमी आई.

मंगलयान के इंजन को पिछले साल 5 नवंबर को मंगल की कक्षा के लिए छोड़ा गया था. मंगल अभियान भारत का पहला अंतरग्रही अभियान है. इसे 5 नवंबर 2013 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) सी-25 की मदद से प्रक्षेपित किया गया था.

मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करने के अहम मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सिंतबर की सुबह इसरो केंद्र में मौजूद रहेंगे. किसी भी देश ने अपनी पहली कोशिश में मंगल पर विजय नहीं पाई है. भारत अपने पहले प्रयास में ही मंगल की कक्षा के काफी करीब पहुंच चुका है. अब बस इतंजार है 24 सितंबर का जब मंगल पर भारत के फतह की खबर आएगी.

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