“बंजारा समाज मे परिवर्तन लाना है तो स्वार्थ छोडना होगा”

“समाज मे परिवर्तन लाना है तो स्वार्थ छोडना होगा”
बंजारा समाज का इतिहास सदियो पुराना हैं हजारो साल पहिले का इतिहास हैं यह समाज पुरे विश्व में बसा है पर आज तक एकता के साथ सामने नही आया हैं |
इस बात को मेरे समाज के सारे भाई बहन बुद्धजिवी लोग जानते हैं हमारा गोर बंजारा समाज कुच्छ सालो पहले (बणज) व्यापार करनेवाला समाज था अन्न धान्य व हर तरह के सामान पुरे देश में पहुंचाने याने (ट्रान्सपौर्ट) करनेवाला समाज कहा जाता था. लेकिन अब कुछ पड़े लिखे धनवान को छोडदे तो बाकि गरीब मजदुर की लिस्ट मे लेजाकर रखदिया हैं | कु्छ साल पहिले महाराष्ट्र सरकार ने हमारे समाज को क्रिमिलियर के आँक्ट मे बांधक अधिकारी बंधुओ के आरक्षण पर रोक लगादिया है.एक जमाना था बंजारा समाज शुरविर कहे जानेवाला समाज था इस समाज मे महान योद्धा लक्कीशाह बंजारा संत सेवालाल संत हमुलालजी के जैसे महान सत्यवादी संत समाज सेवक थे लेकिन अब इस समाज को पुरे देश में अलग अलग आरक्षण में विभाजित करके समाज को बाँट दिया है। समाज मे एकता नही हैं इस लिऐ हमारे समाज के गरीब मजदूरो का विकास नहीं हो प रहा है यह पुरे समाज को सोचना चाहिए  वरना किसी कि क्या मजाल कि हमारे समाज का विकास रोक सके। दोस्तो समाज प्रेमियो. अब बहुत हो गया हमे खुद को समाज के प्रती आगे आना होगा घर बैठे व्हाँट्सअप या फेसबुक सोशल साईट का इस्तेमाल करो पर एक दूसरे को सहारा देने के लिए समाज के गरीब मजदूरो तक जाना होगा उन्हें सही गलत की जानकारी सही राह बताते हुये उनके विकास उनके बचोंकि पढ़ाई के लिए हमें कुछ करना होगा। तभी हमारा समाज आगे आसक्ता है और समाज का विकास के साथ एकता भी हो सकती है इसलिए हमें समाज के प्रती एक दुसरे के साथ निस्वार्थ जुडना होगा। और हर तांडेमे जाकर समाज के गोर भाई तथा बहनो को अपने समाज का सही इतिहास बताना होगा बार बार दौराना होगा तब कही समाज मे परिवर्तन आयेगा वरना कुछ साल बाद पुरा समाज का इतिहास बदल जायगा यह सोचकर  बाहर निकलना  होगा हमारी आनेवाली पिढीयो को हम क्या बतायेंगे..? समाज के साथ साथ समाज के गोर गरीब बच्चोपर होररहे शिक्षण के रूप मे अन्याय को भी निवारणा करना होगा शिक्षण सालोसाल महंगा होता जारहा हैं इस की वजह से हमारा बंजारा समाज अशिक्षित है गरीब है सारे देश मे अपना समाज एक सा हैं पर सरकार जाती मे बदल कर हमारे समाज को अलग अलग आरक्षण में रक्खा हैं | महाराष्ट्र मे VJNT,आध्र.मे ST,कर्नाटका.SC.सारे राज्यो मे अलग अलग क्यो..? देश के हर कौने मे बंजारा समाज बसाहुआ हैं बोली भाषा एक हैं पर जाती अनेक और काँटेगिरी अलग कैसी हुई..? क्या कोई आजतक सच्चे दिल से सरकार से कोई जवाब मांगा हैं ? पर हमारे समाज के मंत्रीसाहब,जनता के सेवक खुद अपनी अपनी जेबे भरकर दुकानदारी चलारहे हैं अगर हमे समाज के प्रती प्रेम भावना है तो राजनितीक दलोसे छुटकारा पाकर सिर्फ समाज हित मे ही काम करना होगा किसी राजकिय नेता या राजकिय पार्टी से मुक्त होना होगा करीब 70 साल बाद भी हम गुलाम कि तरह जिंदगी जि रहे हैं ऐसा क्यु..? हमारे समाज मे महान विरपुरूष जन्म लेकर हमे गुलामीओसे छुटकारा दिला गये लेकिन हम अपनी सोंच कि गुलामी मे या स्वार्थी का जिवन बितारहे है | उठो जागो समय आगया हैं किसी से दो हाथ नही करना हैं हमे एक होकर हमारा अधिकार लेना हैं और गरीब मजदुर का हक्क व गरीब बच्चो को अछी शिक्षण मिलना चाहियें हमे बदलना होगा हमे सही रास्ता मिल गया हैं | गोर बंजारा संघर्ष समिती भारत एक निस्वार्थ समिती हैं इस समिती का राजनिति से कोई सबंध नही हैं यह समिती गोर बंजारा समाज के हर भाई कि समिती हैं गोर बंजारा संघर्ष समिती का मुख्य उद्देश समाज को जोड़ना है समाज के प्रती सच्ची भावना तथा समाज मे प्रेम का प्रसार करना है व गरीबों को सही राह दिखा कर उन्हें आगे बडाना है गरीब मजदुर व गरीब किसान को सही रास्ता दिकाना हैं सरकारी योजना उन तक पहुंचाना है। एक बात ध्यान मे रखकर हमसे जुडना दोस्तों हमारा खास मकसद हैं गरीबो का विकास व समाज की एकता समाज को अन्याय के खिलाफ लडना सिकाना और सत्य क्या हैं यह समजाना व सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रवुत्त करना हमारा लक्ष्य है। आज हम सत्य क्या हैं वो नही समजे तो हमारी आनेवाली पिढि भी सत्य नही जान सकेगी क्यो की हमारे पास उनके सवाल का जवाब नही रहेगा…याद करो वोह दिन जब हम जंगल मे शेर कि तरह रास्ते निकाल लिया करते थे. आज हम खुद रास्ते भटक गये है..जुडो समाज से और जोडो समाज को..
गोर बंजारा संघर्ष समिती भारत के संयोजक श्री रविराजजी राठोड ने गोर बंजारा संघर्ष समिती भारत सिर्फ समाज कार्य करने वा समाज को सही राह बताकर हर एक को खुद खुदको व समाज को सच्या न्याय दिलाने के काबिल बनाने के लिए ही समिती स्थापना कि हैं इस मे कोई स्वार्थ नही हैं अगर स्वार्थ है तो सिर्फ समाज सेवा। लोग सच्चे इंसान को सवाल करते हैं लेकिन साथ नही देते इस बात को भी याद रखकर हमे एकसाथ जुडना होगा समाज को जोडना किसी एक इंसान का नही बल्की समाज के सारे भाईयो का काम हैं अगर हम सब एक साथ जुडजाते है तो समाज मे खुशहाली जरूर आयेगी..!
जय सेवालाल जय गोर..👏
कुछ गलत शब्द लिखदिया होगा तो आपका छोटा भाई समजकर माफ करदेना..
आपका समाज शुभचिंतक:-
गोर कैलास डी.राठोड
एक निस्वार्थी स्वयंसेवक
गोर बंजारा संघर्ष समिती भारत.

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