बंजारा जाग बंजारा जाग…. (बंजारा कविता, कवि.सुरेश राठोड)

!! जाग बंजारा जाग !!
जाग बंजारा जाग

तारो का सुतो छ वाघ? !!धृ!!
तू सतो छी निंदेमं…!

वेटागो भलते छंदेमं …!!

वेळ आवगी तारो हक्क मांग. !!1!!  

              बंजारा  जाग बंजारा जाग…
बंजारा गोरमाटी गोरं..!

वताओ आपणो जोरं..!!

व्होरे एक खिचो मत टांग..!!2!!

              बंजारा जाग बंजारा जाग…
जिम तिम छुटगीरे हवा .!

हक्केसारु लड़ खाव मेवा..!!

वटा झेन्डा थोपट तारी जांघ.!!3!!

              बंजारा जाग बंजारा जागं…
केगो सेवाभाया जना दळ आवं .!

हक्केसारू रण मच जावं….!!!

लाली लाल केसुला लागं….!!4!!

              बंजारा जाग बंजारा जाग….
केरो सुरेश मानो मारी वातं..!

न तो वेजाय आपणो घातं..!!

देरो सोगन शिव तारी लांघ….!!5!!

            बंजारा जाग बंजारा जाग….
.                    सुरेश राठोड. काटोल
प्रमुख प्रतिनिधी: रविराज एस. पवार,

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Suresh Rathod
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