“दुनियाभर के रोमा,रोमानी/जिप्सि/रोमा बंजारा यह भारतीय गोरगण समूह के लोग हमारे गोर बंजारा है”भाग,4..

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। जय सेवालाल।।

दुनियाभरके रोमा,रोमानी / जिप्सि/रोमा बंजारा ये भारतीय गोरगण समूह के लोग हमारे गोर  बंजारा है?

भाग-4                  

  ✍ प्रा.दिनेश सेवा राठोड      

भाईयों

भारतीय समाज के किस स्तर या जाति के बारे में अटकलें हैं, रोमा भाषाविदों और इतिहासकारों के बीच कई वर्षों तक चलती आ रही है। अधिकांश विशेषज्ञों ने शोध के माध्यम से इस परिकल्पना तक पहुंचे की भारत देशोंसे गये  रोमा सबसे निम्न जाति का था। इतिहासकारोंका मानना है की,उस वक्त  भारतीय समाज को सख्ती से जातियों की एक श्रृंखला में विभाजित किया गया था: जैसे ब्राह्मण (याजकों), क्षत्रिय (शासकों और सैनिकों), वैश्य (कारीगरों, किसानों, दुकानदार) और शूद्र (नौकर और मजदूर)। निम्नतम जाति में सदस्यता भी बताएगी कि 8 वीं शताब्दी में रोमा भारत क्यों छोड़ने लगी थी। (उनके प्रस्थान की तारीख उनके भाषा में कुछ बदलावों की कमी के अनुमान के अनुसार हो सकती है कि अन्य संबंधित भारतीय भाषाओं बाद में चली गईं।) यह संभव है कि उन्हें अक्सर सूखा या अकाल से निकाल दिया जाता था या वे केवल उनसे भागना चाहते थे सख्त भारतीय जाति व्यवस्था और अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए एक नया “बाजार” ढूंढेंने के लिए उन्होंने भारत छोडा था।

ऐसा माना जाता है,न केवल उनकी भाषा उनके भारतीय मूल के साक्षी हैं; कई रिवाजों की आश्चर्यजनक समानता, एक समान सामाजिक संरचना, व्यवसायों की उनकी पसंद, भारतीय धुंमंतू बंजारोसे मिलजूलती है। तथा उनका wandering life अन्नधान्य का व्यापार तथा धातु-कार्यकलाप की इसी तकनीक आदि भी हैं। भाषावादी रोमानी बोलियों के विकास के अनुसार रोमानी इतिहास को बहुत ही सटीक रूप से स्थापित करने में सक्षम थे। इस तथ्य के कारण कि कुछ कानूनों के अनुसार भाषाएं विकसित हुईं, भाषाविद बहुत ही सटीक अवधि और उनके निवास स्थान निर्धारित करने में सक्षम थे।                                                मार्टिन ब्लॉक (1936) को स्थापित करने के लिए पहले फिलिजिस्टरों में से यह था: “रोमैलेस में विदेशी ऋण शब्द की संख्या विभिन्न देशों में रहने की लंबाई से मे।ल खाती है।” तो हम रोमा के प्रवास को भारत से यूरोप  तक अधिक सटीकता के साथ अनुमान लगा सकते हैं।

source– newyork times            @to be continued…

सौजन्य:- गोर कैलास डी राठोड

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