गोमाता की पीड़ा

दूध पिला कर
मैंने तुमको बड़ा किया…
अपने बच्चे से भी छीना
पर मैंने तुमको दूध दिया🐄…

रूखी सूखी खाती थी मैं,
कभी न किसी को सताती थी मैं…🐄
कोने में पड़ जाती थी मैं,
दूध नहीं दे सकती मैं,🐄

अब तो गोबर से काम तो आती थी मैं,मेरे उपलों की आग से तूने,
भोजन अपना पकाया था…
गोबर गैस से रोशन कर के,
तेरा घर उजलाया था…🐄

क्यों मुझको बेच रहा रे,
उस कसाई के हाथों में…??
पड़ी रहूंगी इक कोने में,
मत कर लालच माँ हूँ मैं…🐄

मैं हूँ तेरे कृष्ण की प्यारी,

वह कहता था जग से न्यारी…
उसकी बंसी की धुन पर मैं,
भूली थी यह दुनिया सारी..🐄.

मत कर बेटा तू यह पाप,
अपनी माँ को न बेच आप…🐄
रूखी सूखी खा लूँगी मैं
किसी को नहीं सताऊँगी मैं
तेरे काम ही आई थी मैं
तेरे काम ही आउंगी मैं…🐄

अगर आप गौमाता से प्यार करते हैं
और आपने गौमाता का दूध पिया है
तो इस मेसेज को शेयर करके थोडा बहुत दूध का कर्ज चुकता करे….🐄…!!!!

सर्व कि एक पुकार…🐄.!
गौ हत्या अब नहीं स्वीकार….!!

गौमाता की यह पीड़ा जन जन तक
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Save cow
Pls share..
🐄🐄🐄🐄🐄🐄🐄🐄🐄🐄
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