कर्तव्य और मजबुरी

दोस्तों और भाईयों
जय सेवालाल
गोर बंजारा समाज आज भी एकजुट हो सकता है।अगर हम सभी ने सच्चे दिल से बिना किसी स्वार्थ से निस्वार्थ भावना से एक करेंगे तो।और आपने जिवन का एक फर्ज समज के करेंगे तो।
क्यों कि भाईयों आज भी हम यही सोचकर जिवन बिता रहे हैं। की कोई फरिश्ता आयेगा।और हमारी समस्याओं को सुल जाएगा। ऐसा सिर्फ एक ही बार होता है।वह हो चुका है।जब हमारे समाज के धर्मगुरु संत श्री सेवालाल बापू इन्होंने इस धरती पर जनम लिया था तब।और भाईयों हमारा समाज इतना  खुश नशिब है।कि हमारे समाज को भविष्य में क्या होगा यह भी पता है।तो भी हम आज क्यों सोए हुए हैं।हमारे सेवालाल बापू ने आज तक जो भी बातें कही है।वह सब पुरी हो रही है।फिर भी हम पिछे क्यों है? भाईयों जरा सोचिए।आज हम जो कर सकते हैं। वह एक कर्तव्य (फर्ज) होगा। और यही काम अगर हम आज नही करेंगे तो कुछ दिनों बाद करेंगे।तो यही काम हमे मजबूरी में करने की नौबत आ सकती है। क्यों? क्योंकि इस बदलते समय और जमाने मे हमारे पास जो भी है।हम दिन ब दिन खो रहे है।हमने हमारा पोशाक (पहरावा) खो दिया, हमने हमारी भाषा खो दी।और क्या क्या खोना बाकी है।दोस्तों खुद मे बदलाव लाकर समाज मे जुडकर समाज को आगे बढ़ाने में आपना योगदान दिजिए।यही योगदान आपके बच्चों को सही दिशा देने केलिए।काम आयेगा।आज गोर बंजारा संघर्ष समिती (भारत) भारत के हर क्षेत्र में हर वर्ग के गोर बंजारा भाईयों को एकसाथ लाने की कोशिश में लगी हुई है।आप भी उस समिति के माध्यम से निस्वार्थ भावना के साथ मिलकर समाज को सही दिशा देने हेतु से कार्य कर सकते हैं।

धन्यवाद भाईयों
कुछ गलत होगा तो
क्षमा चाहुंगा
जय सेवालाल जय गोर बंजारा

समाज हितचिंतक
गोर  गजानन डी राठोड
स्वंयसेवक
गोर बंजारा संघर्ष समिती (भारत)
मु.पोस्ट सावरगांव बंगला ता. पुसद जिल्हा यवतमाळ पिन.445209
9619401377

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