एक नम्र आवाहन “गोर स्वयंसेवक संघ ” इस संघ में गोर स्वयंसेवक के रुपमें जिन्हे अपनी सेवा देनी हो , वे अपना पुरा परिचय एवँ फोटो के साथ आवेदन दे सकते हैं 

*एक नम्र आवाहन* 

—————————–

।। युग के साथ चलो ।। 

*गोर स्वयंसेवक संघ*

——————————-

 युग बदल रहा हैं । आवो हम भी बदले । अगर जमाना उन्नती की ओर आगे बढ रहा हो, तो हमे भी  पुराने चोले फेककर युग के साथ साथ दृढ संकल्प लेकर  चलना होगा ।  आज के युग मे सामाजिक संघटन केवल जरुरी ही नहीं हैं , बल्कि अनिवार्य हैं । सही सोच, नेक उद्देश लेकर हम चलते  हैं , तो हमारे व्दारा समाज के लिये कुछ अच्छे कर्म हो सकते हैं । 

     समाज मे मान – बढाई , अहंभाव, घमंड, इर्ष्याभाव, पद – प्रतिष्ठा की लालच दिनप्रतिदिन बढ रही हैं । हर कोई खुद को बड़ा करनेमें लगा है । जो समाज को बड़ा करता है उसे स्वयं को बड़ा करनेकी जरूरी नही होती है । जो  समाज को महत्व देकर समाज का काम करता है , वह अपने आप बड़ा हो जाता है । हिरेको कभी जरूरत पड़ी  है मैं हीरा हूँ  कहनेकी ? सुरज को कभी जरूरत पड़ी  है मैं सुरज हूँ  कहनेकी ? लेकिन आज दुर्भाग्य यह है कि हर कोई ‘ मैं ‘ पन की बिमारीसे ग्रस्त है । जिस समाज में खुद कोे समाज से बड़ा माननेकी, बड़ा करनेकी बीमारी हो उस  समाज को ऐसे हलकी सोच के नेताओंसे  तत्काल सावधान होनेकी जरूरत है ।  हर कोई  आज खुद को महान बनाने में लगा है , इसके कारण सामाजिक संघटनों में बिखराव और टकराव नजर आता  हैं ।

     आज समाज में जो विभिन्न  संघटन हैं वे उनकी सोच के मुताबिक़ अपने अपने जगह ठिक ही है । फिर भी एक नई सोच, नया संकल्प  लेकर *गोर स्वयंसेवक संघ* का निर्माण होने जा  रहा हैं । इस संघ में लेनेेके लिये कुछ भी नहीं हैं । एक सेवक की भांती यहाँ देना ही देना हैं ।

————————————–

 *उद्देश* :- 

१.  समाज की शिक्षा, सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक, अध्यात्मिक उन्नती के लिये विभिन्न स्तर पर  प्रयास करना ।

 २. समाज में  आपसी संघर्ष, टकराव  दूर करके , आपसी भाईचारा , एकता बनाये रखने के लिये विभिन्न माध्यमसे प्रयास करना । 

 ३. समाज के हर स्तर पर सेवाभाव की वृद्धि करना ।  

 ४. शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास के लिये योग एवं सत्संग शिविरोंका आयोजन करना ।

 ५. समाज को हमारे संत महापुरुष एवँ समाज सुधारकों की पहचान  कराना । 

 ६. संवैधानिक हक्क के लिये जहाँ जरुरी हैं वहाँ संघर्ष करना ।

 ७. समाज पर होनेवाले अन्याय अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना ।

 ८. तांडा स्तर पर स्वास्थ्य शिविरोंका आयोजन करना ।

 ९. गोरबोली संवर्धन एवँ विकास के लिये विभिन्न स्तर पर प्रयास करना ।

 १०. सामाजिक विकास में बाधा पहूंचानेवाली पुरानी अनिष्ट प्रथाओंको नष्ट करना । 

 ११. नये युग के साथ चलने के लिये समाज को प्रेरित करना । 

  

              भाई बहनों , उपर्युक्त नेक उद्देश , दृढ संकल्प , नया विचार , नई सोच ,  शुद्ध भावना लेकर *गोर स्वयंसेवक संघ* का निर्माण होने जा रहा हैं ।  आपके बहुमूल्य सुझाव हम चाहते हैं । समाजव्दारा आनेवाले सुझाव एवँ गहन विचार विमर्ष के बाद ही इस संघको अंतिमरुप दिया जायेगा । सुझाव के बाद उपर्युक्त उद्देश में बदलाव भी संभव हैं ।

                इस संघ में गोर स्वयंसेवक के रुपमें जिन्हे अपनी सेवा देनी हो , वे अपना पुरा परिचय एवँ फोटो के साथ आवेदन दे सकते हैं । हर क्षेत्र का व्यक्ती गोर स्वयंसेवक बन सकता हैं । यहाँ कोई पद नही हैं , मान सन्मान , पद प्रतिष्ठा की गंध नहीं हैं । जो शुद्ध सेवा भावना से समाज का ऋण चुकाना चाहता हैं ।  उन्हे ही यहाँ स्थान मिलेगा ।   जो अन्य संघटनोंका  सदस्य या कार्यकर्ता न हो वही गोर स्वयंसेवक बननेके लिये पात्र होगा । निर्व्यसनी हो तो अधिक अच्छा रहेगा ।

         फुलसिंग जाधव , औरंगाबाद .

संपर्क :- 8999098265 / whatsapp NO 9595765235

www.goarbanjara.com

Gajanan D. Rathod

Chief Editor – Banjara News Online Portal 

9619401377

Leave a Reply